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प्यार बहोत महंगा है - राहत indori

आज तक तुमने खिलौने ही ख़रीदे होंगे दिल है ये दिल मेरे सरकार बहुत महंगा है

Kya Hai Meri Bari Me Hindi Poem - Harivansh Rai Bachchan

क्या है मेरी बारी में - हरिवंश राय बच्चन


जिसे सींचना था मधुजल से
सींचा खारे पानी से,
नहीं उपजता कुछ भी ऐसी
विधि से जीवन-क्यारी में।
क्या है मेरी बारी में।
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आंसू-जल से सींच-सींचकर
बेलि विवश हो बोता हूं,
स्रष्टा का क्या अर्थ छिपा है
मेरी इस लाचारी में।
क्या है मेरी बारी में।

टूट पडे मधुऋतु मधुवन में
कल ही तो क्या मेरा है,
जीवन बीत गया सब मेरा
जीने की तैयारी में|
क्या है मेरी बारी में

Tag:-  Harivansh Rai Bachchan Poems Maharudra Doiphode Poetry


" Kya Hai Meri Bari Me Poem Lyrics "

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