PoemsMD
दुआ मे उसको माँग कर देखते है - Dua Me Usko Mang Kar Dekhte Hai Rudra Poem
दुआ मे उसको माँग कर देखते है - रुद्र टपकते हुए कतरा-ए-शबनम को देखते है पीते नही…
सलाम जननीस जगताच्या - महारुद्र तो आहे फक्त सारथी रथाचा अर्जुनाच्या कित्येक युगे चालली छळात द्रौपदीच्या न येणे कृष्ण…
FULL SHOW »दुआ मे उसको माँग कर देखते है - रुद्र टपकते हुए कतरा-ए-शबनम को देखते है पीते नहीं शराब बस मय-कदे को देखते हैं ये कौन तत्पर है …
FULL SHOW »तुमको आना है बाद-ए-नौ-बहार है, मौसम सुहाना है मसरुफ-ए-इंतजार हू मै, तुमको आना है समझ तुम्हारे आ रही है इल्तजा मेरी बस..देर करने का …
FULL SHOW »चल रहा हूँ अकेला बहारों को बुलाते हुए कुछ नगमे गुनगुनाते हुए मंजिल के आगाज़ मे दिल में कुछ दबाते हुए चल रहा हूँ अकेला किसी और की नफ़रत में दिल टूट गया…
FULL SHOW »तेव्हा मी हार स्वीकारेल - रुद्र जेव्हा नमतील माझे सूर आस, अभिलाषा होतील चूर होईल गीतही हृदयातून दूर तेव्हा मी हार स्वीकारेल ! भयानं वादळाच्या ते फिरत…
FULL SHOW »मान रहा है क्यों हार तू - महारुद्र चमक रहे हैं निशान पाँव के पीछे मुड़कर देख तू चलते रहना आदत तेरी खुद को यू मत रोक तू खो गए जो स्वप्न सारे लाएगा उ…
FULL SHOW »व्यर्थच होते - महारुद्र मी तेव्हा एकटाच हसलो सारे चेहरे तर उदासच होते मीच होतो तेव्हा स्तब्ध एकांत ते तर पेटते निखारेच होते ? हसऱ्या चेहऱ्यानी…
FULL SHOW »हर बात मुझको उसकी - महारुद्र रंग-ए-शहाब होकर यू मुस्कुरा रही है एक नाज़नीन खामोशी मुझको सता रही है पलकों में बंद करके, मुझे रख लिया है उसने नजा…
FULL SHOW »मैं जुगनू सा, तुम रजनी हो - महारुद्र तुम गीत हो, तुम बासरी हो तुम ताल हो, सुर, धुन हो, तुम शायरी हो तुम हृदय हो, तुम प्राण हो तुम जिंदगी, तुम जान हो …
FULL SHOW »तुम आये हो नज्म - महारुद्र तुम आये हो पूरे आसमाँ भर मे उजाला हो गया है पूनम की रात हो जैसे बादलों के पीछे चाँद मुस्कुरा रहा है। यहाँ धड़कने थम गई है, …
FULL SHOW »मेरा खयाल था शायद - महारुद्र चंद लम्हों का एक सवाल था शायद कुछ नही मेरा खयाल था शायद दीदा-ए-बेदार थे राह मे जिनकी जो दिखा था ओ कोहरा…
FULL SHOW »सफर का मुसाफिर सफर का मुसाफिर सफर मे रहा एक नाजनीन ख्वाब नजर मे रहा सुन रहा था तेरी अंदाज़-ए-गुफ़्तुगू न होश मे था न इख़्तियार …
FULL SHOW »बस इतना ही कहना है कि... बस इतना ही कहना है कि... जरा अदब से चलिए कही पदम् पैरो के नीचे न आकर दब जाए । बेचारे बहोत नाजुक है कही मरोड़ न जाए । बस इतना…
FULL SHOW »मैं शायर, मेरा खयाल हो तुम... पायल छनकती पाँवों की तुम हरियाली हो गावों की ये गीत गजल मेरे तुमपर और धुन रचाई हवाओं की पतझड़ में लगती हो सावन सी तुम र…
FULL SHOW »
PoemsMD
दुआ मे उसको माँग कर देखते है - रुद्र टपकते हुए कतरा-ए-शबनम को देखते है पीते नही…
Social