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दुआ मे उसको माँग कर देखते है - Dua Me Usko Mang Kar Dekhte Hai Rudra Poem
दुआ मे उसको माँग कर देखते है - रुद्र टपकते हुए कतरा-ए-शबनम को देखते है पीते नही…
तुमको आना है बाद-ए-नौ-बहार है, मौसम सुहाना है मसरुफ-ए-इंतजार हू मै, तुमको आना है समझ तुम्हारे आ रही है इल्तजा मेरी बस..देर करने का …
FULL SHOW »व्यर्थच होते - महारुद्र मी तेव्हा एकटाच हसलो सारे चेहरे तर उदासच होते मीच होतो तेव्हा स्तब्ध एकांत ते तर पेटते निखारेच होते ? हसऱ्या चेहऱ्यानी…
FULL SHOW »हर बात मुझको उसकी - महारुद्र रंग-ए-शहाब होकर यू मुस्कुरा रही है एक नाज़नीन खामोशी मुझको सता रही है पलकों में बंद करके, मुझे रख लिया है उसने नजा…
FULL SHOW »पक गई हैं आदतें बातों से सर होंगी नही - दुष्यंत कुमार पक गई हैं आदतें बातों से सर होंगी नहीं कोई हंगामा करो ऐसे गुज़र होगी नहीं इन ठिठुरती उँगलियों क…
FULL SHOW »मेरा खयाल था शायद - महारुद्र चंद लम्हों का एक सवाल था शायद कुछ नही मेरा खयाल था शायद दीदा-ए-बेदार थे राह मे जिनकी जो दिखा था ओ कोहरा…
FULL SHOW »सफर का मुसाफिर सफर का मुसाफिर सफर मे रहा एक नाजनीन ख्वाब नजर मे रहा सुन रहा था तेरी अंदाज़-ए-गुफ़्तुगू न होश मे था न इख़्तियार …
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दुआ मे उसको माँग कर देखते है - रुद्र टपकते हुए कतरा-ए-शबनम को देखते है पीते नही…
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