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दुआ मे उसको माँग कर देखते है - Dua Me Usko Mang Kar Dekhte Hai Rudra Poem
दुआ मे उसको माँग कर देखते है - रुद्र टपकते हुए कतरा-ए-शबनम को देखते है पीते नही…
दारावरून माझ्या त्यांची वरात गेली - इलाही जमादार दारावरून माझ्या, त्यांची वरात गेली मेंदीत रंगलेली, बरची उरात गेली नगरात आज त्यांच्या आहे म्हणे दिवा…
FULL SHOW »क्या खरीदोगे ये बाजार बहुत महंगा है - राहत इंदोरी क्या खरीदोगे ये बाजार बहुत महंगा है प्यार की ज़िद न करो प्यार बहुत महंगा है चाहने वालों की एक भीड…
FULL SHOW »समजावुनी व्यथेला समजावता न आले - सुरेश भट समजावुनी व्यथेला समजावता न आले ! मज दोन आसवांना हूलकावता न आले ! सर एक श्रावणाची आली.. निघून गेली.. माझ्या …
FULL SHOW »ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा - गुलजार ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा क़ाफ़िला साथ और सफ़र तन्हा अपने साए से चौंक जाते हैं उम्र गुज़री है…
FULL SHOW »दर्द हल्का है साँस भारी है - गुलजार दर्द हल्का है साँस भारी है जिए जाने की रस्म जारी है आप के बाद हर घड़ी हम ने आप के साथ ही गुज…
FULL SHOW »दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई - गुलज़ार दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई जैसे एहसान उतारता है कोई आईना देख के तसल्ली हुई हम को इस घर में जा…
FULL SHOW »रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ - अहमद फराज रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ कुछ तो म…
FULL SHOW »चल रहा हूँ अकेला बहारों को बुलाते हुए कुछ नगमे गुनगुनाते हुए मंजिल के आगाज़ मे दिल में कुछ दबाते हुए चल रहा हूँ अकेला किसी और की नफ़रत में दिल टूट गया…
FULL SHOW »व्यर्थच होते - महारुद्र मी तेव्हा एकटाच हसलो सारे चेहरे तर उदासच होते मीच होतो तेव्हा स्तब्ध एकांत ते तर पेटते निखारेच होते ? हसऱ्या चेहऱ्यानी…
FULL SHOW »मेरा खयाल था शायद - महारुद्र चंद लम्हों का एक सवाल था शायद कुछ नही मेरा खयाल था शायद दीदा-ए-बेदार थे राह मे जिनकी जो दिखा था ओ कोहरा…
FULL SHOW »तेरी बातें ही सुनाने आए - अहमद फराज तेरी बातें ही सुनाने आए दोस्त भी दिल ही दुखाने आए फूल खिलते हैं तो हम सोचते हैं तेरे आने के ज़माने…
FULL SHOW »याद का आसरा - कन्हैयालाल नंदन तेरी याद का ले के आसरा ,मैं कहाँ-कहाँ से गुज़र गया, उसे क्या सुनाता मैं दास्ताँ, वो तो आईना देख के डर गया। मेरे ज़ेह…
FULL SHOW »अपनी महफ़िल से ऐसे न टालो मुझे - कन्हैयालाल नंदन अपनी महफ़िल से ऐसे न टालो मुझे मैं तुम्हारा हूँ, तुम तो सँभालो मुझे ज़िंदगी! सब तुम्हारे भरम ज…
FULL SHOW »सफर का मुसाफिर सफर का मुसाफिर सफर मे रहा एक नाजनीन ख्वाब नजर मे रहा सुन रहा था तेरी अंदाज़-ए-गुफ़्तुगू न होश मे था न इख़्तियार …
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दुआ मे उसको माँग कर देखते है - रुद्र टपकते हुए कतरा-ए-शबनम को देखते है पीते नही…
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