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दुआ मे उसको माँग कर देखते है - Dua Me Usko Mang Kar Dekhte Hai Rudra Poem
दुआ मे उसको माँग कर देखते है - रुद्र टपकते हुए कतरा-ए-शबनम को देखते है पीते नही…
ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा - गुलजार ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा क़ाफ़िला साथ और सफ़र तन्हा अपने साए से चौंक जाते हैं उम्र गुज़री है…
FULL SHOW »दर्द हल्का है साँस भारी है - गुलजार दर्द हल्का है साँस भारी है जिए जाने की रस्म जारी है आप के बाद हर घड़ी हम ने आप के साथ ही गुज…
FULL SHOW »दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई - गुलज़ार दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई जैसे एहसान उतारता है कोई आईना देख के तसल्ली हुई हम को इस घर में जा…
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दुआ मे उसको माँग कर देखते है - रुद्र टपकते हुए कतरा-ए-शबनम को देखते है पीते नही…
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