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दुआ मे उसको माँग कर देखते है - Dua Me Usko Mang Kar Dekhte Hai Rudra Poem
दुआ मे उसको माँग कर देखते है - रुद्र टपकते हुए कतरा-ए-शबनम को देखते है पीते नही…
बेहद हुआ है तेरे आने मे ताखिर बे-दयार बैठा हु कबसे इंतिजार मे Maharudra
FULL SHOW »उन्हें ये ज़िद थी के हम बुलाते, हमें ये उम्मीद वो पुकारें है नाम होंठों में अब भी लेकिन, आवाज़ में पड़ गई दरारें …
FULL SHOW »किस किस को बताएँगे जुदाई का सबब हम तू मुझ से ख़फ़ा है तो ज़माने के लिए आ - अहमद फराज
FULL SHOW »रोज़ तारों को नुमाइश में ख़लल पड़ता है चाँद पागल है अँधेरे में निकल पड़ता है - राहत इंदोरी
FULL SHOW »पैग़ाम-ए-हयात-ए-जावेदाँ था हर नग़्मा-ए-कृष्ण बाँसुरी का - हसरत मोहानी
FULL SHOW »दीदा-ए-बेदार थे राह मे जिनकी जो दिखा था ओ कोहरा था शायद Maharudra Doiphode
FULL SHOW »झाली असेल किमया जगदिशाची तुझ्यावर महक दरवळतेय सुमनांत ... एवढ्यात नको करू विवेचना पराभवाची झुंजणारे अजूनही आहेत रणात MaharudraShayari
FULL SHOW »चले आओ बन कर पैगाम-ए-मोहब्बत तुम चश्म-ए-तर है मेरे, एक नाजुक फसाना है MaharudraShayari
FULL SHOW »फूलों का उपवन हो तुम तसव्वुर में शामिल हो तुम बुरा न मानो बातों का मैं शायर, मेरा खयाल हो तुम । MaharudraShayari
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दुआ मे उसको माँग कर देखते है - रुद्र टपकते हुए कतरा-ए-शबनम को देखते है पीते नही…
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