दीदा-ए-बेदार थे राह मे जिनकी जो दिखा था ओ कोहरा था शायद
दुआ मे उसको माँग कर देखते है - रुद्र टपकते हुए कतरा-ए-शबनम को देखते है पीते नही…
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