Click Here For Favorite Posts......

20/recent/ticker-posts

प्यार बहोत महंगा है - राहत indori

आज तक तुमने खिलौने ही ख़रीदे होंगे दिल है ये दिल मेरे सरकार बहुत महंगा है

ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा - Jindagi Yu Hui Basar Tanha Gazal Gulzar

ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा -  गुलजार



ज़िंदगी    यूँ   हुई   बसर   तन्हा 
क़ाफ़िला साथ और सफ़र तन्हा 

अपने  साए   से   चौंक  जाते  हैं 
उम्र गुज़री  है  इस  क़दर  तन्हा 

रात  भर  बातें   करते   हैं   तारे 
रात  काटे   कोई   किधर  तन्हा

डूबने    वाले    पार    जा    उतरे 
नक़्श-ए-पा अपने छोड़ कर तन्हा 

दिन  गुज़रता  नहीं  है  लोगों में 
रात   होती   नहीं    बसर  तन्हा 

हम ने दरवाज़े  तक  तो देखा था 
फिर न  जाने  गए  किधर  तन्हा

Zindagi Yu Hui Basar Tanha Gulzar Gazal

Zindagi Yu Hui Basar Tanha Gulazar Poetry

Post a Comment

0 Comments