क्या खरीदोगे ये बाजार बहुत महंगा है - राहत इंदोरी
क्या खरीदोगे ये बाजार बहुत महंगा है
प्यार की ज़िद न करो प्यार बहुत महंगा है
चाहने वालों की एक भीड़ लगी रहती है
आज-कल आपका दीदार बहुत महंगा है
https://goodreadsmd1.blogspot.com/
इश्क़ मे वादा निभाना कोई आसान नहीं
करके पछताओगे इक़रार बहुत महंगा है
आज तक तुमने खिलौने ही ख़रीदे होंगे
दिल है ये दिल मेरे सरकार बहुत महंगा है
हम सुकूं ढूंढने आए थे दुकानों में मगर
फिर कभी देखेंगे इस बार बहुत महंगा है
" Pyar Bahot Mahenga Hai Ghazal "
" Rahat Indori Best Ghazal "
" Rahat Indori Famous Ghazal "

0 Comments