Click Here For Favorite Posts......

20/recent/ticker-posts

प्यार बहोत महंगा है - राहत indori

आज तक तुमने खिलौने ही ख़रीदे होंगे दिल है ये दिल मेरे सरकार बहुत महंगा है

दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई - Din Aise Gujarta Hai Koi Hindi Poem Gulzar

दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई -   गुलज़ार


दिन  कुछ  ऐसे  गुज़ारता है कोई
जैसे  एहसान  उतारता   है  कोई

आईना   देख   के   तसल्ली  हुई
हम को इस घर में जानता है कोई
https://goodreadsmd.blogspot.com/
पक  गया है  शज़र पे फल शायद
फिर से  पत्थर  उछालता  है कोई

फिर  नज़र  में  लहू  के  छींटे  हैं
तुम को शायद  मुग़ालता  है  कोई

देर   से  गूँजतें   हैं  सन्नाटे
जैसे   हम  को  पुकारता  है कोई


Din Aise Gujarta Hai Koi Gazal In Hindi - Gulzar

Maharudra Doiphode Poetry Gulzar Poetry

Post a Comment

0 Comments